शिक्षक दिवस पर निबंध । Essay on Teachers Day in Hindi 2020 - Haqsesikho

           शिक्षक का एक छात्र के जीवन में बहुत ही अधिक महत्व होता है हम सबके जीवन में कोई एक ऐसा शिक्षक अवश्य होता है जिसको हम सब अपने दिल से पसंद करते हैं और उनका सम्मान करते हैं ।

शिक्षक दिवस पर निबंध
शिक्षक दिवस पर निबंध

        शिक्षक हमें शिक्षित करते हैं हमें शिक्षा प्रदान करते हैं हमें जीवन में आगे बढ़ाते हैं हमें हमारी गलतियों से अवगत कराते हैं समय आने पर हमें डांटते भी हैं और समझाते भी है वास्तव में एक शिक्षक की एक छात्र के जीवन का निर्माण करता है उसके भविष्य को उज्जवल बनाता है ।
       शिक्षकों का सम्मान करने के लिए ही हम 5 सितंबर को प्रत्येक वर्ष शिक्षक दिवस मनाते हैं इस दिन विद्यालयों में नए-नए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं अनेक अनेक प्रतियोगिताएं होती हैं अगर आपके विद्यालय में भी शिक्षक दिवस के दिन शिक्षक दिवस पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है ।
         तो आज किस पोस्ट में मैं आप को शिक्षक दिवस के लिए कुछ खास निबंध देने वाला हूं जिनका उपयोग आप अपने स्कूल के shikshak diwas par nibandh in hindi प्रतियोगिता में कर सकते हैं तो चलिए जानते हैं और सीखते हैं कुछ नया ।

शिक्षक दिवस पर निबंध 

      दोस्तों यहां मैं आपको प्रत्येक निबंधों को प्रस्तावना से लेकर उपसंहार तक बताऊंगा अब आप पर निर्भर करता है कि आप कौन सा निबंध उपयोग करते हैं आपको जो भी निबंध अत्याधिक पसंद आता है आप उसका उपयोग कर सकते हैं या मेरी राय में आपको जो पॉइंट सबसे अच्छा लगता है आप उसे मिलाकर भी अपना खुद का एक नया निबंध भी बना सकते हैं ।

Shikshak diwas par nibandh in hindi

Shikshak diwas par nibandh in hindi
Shikshak diwas par nibandh

रूपरेखा -
टेक्नोलॉजी सिर्फ एक उपकरण है बच्चों को प्रेरित करने के लिए शिक्षक महत्वपूर्ण है ।
                      - बिल गेट्स
  1. प्रस्तावना
  2. शिक्षक का महत्व
  3. शिक्षक दिवस 
  4. शिक्षक दिवस और विद्यालय
  5. भारतीय संस्कृति और शिक्षक
  6. उपसंहार
मैंने यह सीखा है कि गलतियाँ भी उतनी अच्छी शिक्षक हो सकती हैं जितना की सफलता. 
           - Jack Welch जैक वेल्च

प्रस्तावना - शिक्षक का हमारे जीवन में अत्याधिक महत्व है जिस प्रकार ध्रुव ताराााा रात के अंधेरेमैं मुसाफिरों को रास्ता दिख लाता है उसी प्रकार एक शिक्षक ध्रुव तारे के समान छात्र को उसके जीवन में सही मार्ग बताता है ।
             एक शिक्षक एक छात्र के जीवन को सही मार्ग पर लाने का कार्य करता है शिक्षक छात्र को शिक्षा प्रदान करते हैं और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं वास्तव में एक शिक्षक एक छात्र के भविष्य को उज्जवल बनाता है ।
      बचपन में प्राप्त की गई शिक्षा एक विद्यार्थी को सदैव ही काम आती है जिसके उपयोग से वह अपने जीवन में उस मुकाम को हासिल करता है जिसकी उसने कल्पना की थी जिसके उसने सपने देखे थे वास्तव में शिक्षक एक छात्र के सपने पूरे करने का वह रास्ता होता है जो सदैव खुला होता है।

शिक्षक का महत्व

            एक छात्र के जीवन में शिक्षक का अत्याधिक महत्व होता है शिक्षक राष्ट्र का निर्माण करता है जितना महत्व एक छात्र के जीवन में शिक्षक रखता है उतना ही महत्व इस राष्ट्र के लिए शिक्षक का होता है शिक्षक वास्तव में राष्ट्र का निर्माण करते हैं इसलिए उनका स्थान ईश्वर से भी ऊंचा होता है शिक्षक आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करता है और उसे तैयार करता है ‌।
       यह एक शिक्षक के हाथ में होता है कि देश की आने वाली पीढ़ी किस प्रकार की होगी वह उसे किस प्रकार की शिक्षा देगा उसे किस प्रकार शिक्षित करेगा कि वह किस प्रकार की सोच अपने अंदर विकसित करता है वास्तव में शिक्षा से सभ्यता आती है और शिक्षक यह शिक्षा प्रदान करता है ।
       शिक्षक का महत्व बहुत ही अधिक है जिसे कुछ शब्दों में बांधना अत्याधिक कठिन है अगर हम शिक्षक के महत्व को शब्दों में बांधने की कोशिश करें उसे लिखने की कोशिश करें तो शायद ही पूरा आसमान भी छोटा पड़ जाएगा समय कि हम कल्पना भी नहीं कर सकते कि कितना समय हम शिक्षक की प्रशंसा में लगा दे ।

शिक्षक दिवस

          शिक्षक की महिमा का हम पूर्ण रूप से तो कर्ज नहीं चुका सकते शिक्षक वास्तव में हमारे भविष्य का निर्माण करता है छात्र के जीवन को नहीं रहा दिखाता है शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं, शिक्षकों प्रति हमारी भावनाओं को प्रकट करने के लिए और शिक्षकों के महत्व से लोगों को अवगत कराने के लिए हम प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाते हैं ।
      5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने के पीछे एक कारण है यह दिन डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म दिवस है डॉ राधाकृष्णन जी की इच्छा थी कि उनके जन्मदिवस पर शिक्षकों का सम्मान हो उनके जन्मदिन को लोग शिक्षक दिवस के रूप में मनाएं ।
       इसी कारण हम प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाते हैं शिक्षक दिवस मनाने के पीछे हमारा उद्देश्य होता है शिक्षकों का सम्मान करना और हमारी भावना शिक्षकों को प्रकट करना जो हम अलग-अलग तरीकों से अपने शिक्षकों के समक्ष प्रकट करते हैं कोई शिक्षकों को फूल देता है तो कोई उन्हें तोहफा देता है ।

शिक्षक दिवस और विद्यालय

          भारतीय स्कूलों में शिक्षक दिवस एक बहुत ही बड़े त्यौहार की तरह मनाया जाता है विद्यालय में तरह-तरह के रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है बच्चों एवं शिक्षकों के लिए सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाता है ।
      छात्रों द्वारा शिक्षकों के लिए कक्षा सजाई आती है सभी छात्र एकत्रित होते हैं और विद्यालय के सभाकक्ष में कार्यक्रम का आयोजन होता है।
   कार्यक्रम के अंदर तरह तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है जिसमें शिक्षक दिवस पर भाषण प्रतियोगिता कराई जाती है इसी के साथ छात्रों द्वारा शिक्षक दिवस पर शायरी आदि भी बोली जाती है ।
    वास्तव में शिक्षक दिवस के दिन विद्यालय में अत्यंत प्रसन्नता का माहौल होता है और सभी अत्याधिक खुश होते हैं इस त्यौहार को इस प्रकार मनाते हैं जैसे मानो दीपावली हो और यह दीपावली भी है शिक्षकों की ।

भारतीय संस्कृति और शिक्षक

                 भारतीय संस्कृति में शिक्षक को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान दिया गया है हमारे वेद पुराण में हमें शिक्षकों का सम्मान करना शिक्षकों के प्रति आदर सत्कार की भावना रखना सिखाया है ।
      हमारे वेद पुराण हमें सिखाते हैं कि
गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु
गुरु देवो महेश्वरा
गुरु साक्षात परब्रह्मा
तस्मे श्री गुरुवे नमः
      इस लोक का अर्थ है कि गुरु ही ब्रह्मा गुरु ही विष्णु है गुरु ही शिव है ऐसे गुरु को हमेशा साथ प्रणाम करना चाहिए और गुरु को सादर नमन करना चाहिए । हमारी संस्कृति है सभी गुरुओं का सम्मान करना सिखाया है ।
            भारत में प्राचीन काल से ही गुरुकुल की परंपरा चली आ रही थी जहां पर छात्र अपने शिक्षक के साथ ही रहकर शिक्षा भी ग्रहण करते थे और साथ में जीवन का सही सार्वी सीखते थे आज भले ही गुरुकुल खत्म हो गए हो लेकिन शिक्षक का महत्व शिक्षक का वह प्रेम छात्रों के बीच शिक्षक का संबंध वैसा का वैसा ही है जो कभी परिवर्तित भी नहीं होगा।

उपसंहार - एक शिक्षक का छात्र केे जीवन मेंं माता पिता के समान स्थान होता है जिस प्रकार माता-पिता हमें शुरू सेे ही सही गलत का फर्क सिखाते हैं ठीक उसी प्रकार शिक्षक भी छात्र को माता पिता समान ही प्रेम करते हैं और एक छात्र को अपनेे पुत्र के समान मानकर शिक्षा प्रदान करतेे हैं ।
       वास्तव में शिक्षक किसी भी छात्र में भेदभाव नहीं करते और सबको समान रूप से शिक्षा प्रदान करते हैं शिक्षक के लिए कोई भी छात्र छोटा या बड़ा नहीं होता उसके लिए सभी छात्र समान होते हैं वह सभी में समान रूप से शिक्षा का वितरण करते हैं सभी को समान रुप से डरते भी हैं और चिंता भी करते हैं ।
                 ऐसा कहा जाता है कि जो आपको डांटता है वह आपकी चिंता करता है शिक्षक आप को डांटते हैं मारते हैं समझाते हैं उसके पीछे बहुत ही गहरा कारण होता है क्योंकि शिक्षक को आपके भविष्य की चिंता होती है इसी कारणवश वह आपको चिल्लाते हैं और समझाते हैं ताकि आप आगे चलकर कोई गलती ना करें और आपका जीवन उज्जवल हो वास्तव में शिक्षक महान होते हैं ।
     शिक्षक के चरणों में शत-शत नमन

Essay on Teachers Day in Hindi

Essay on Teachers Day in Hindi
Essay on Teachers Day in hindi

          शिक्षा एक छात्र के लिए अत्यधिक आवश्यक होती है शिक्षा से ही व्यक्ति सभ्य बनता है और इस सभ्य समाज में अपनी जगह बना पाता है यह शिक्षा उसे विद्यालय से प्राप्त होती है और विद्यालय में शिक्षा देने का कार्य करते हैं शिक्षक ।
         शिक्षक के लिए कोई भी दिन अवकाश का नहीं होता वह सदैव कार्य करता रहता है और सदैव यह प्रयास करता है कि वह कुछ नया सीखे और अपने छात्रों को भी कुछ नया सीखा है अपने छात्रों का सभी प्रश्न हल करें और अपने छात्रों के सभी प्रश्नों के उत्तर देने की कोशिश करें ।
        शिक्षा का कार्य बहुत बड़ा होता है लेकिन वह कब यह बात चलाता नहीं है वह कई बार यह तक भूल जाता है कि उसे भोजन भी करना है बस उसमें लगन होती है तो पढ़ाने की अपने छात्रों को आगे बढ़ाने की शिक्षक के लिए कोई समय नहीं होता जब भी कोई छात्र किसी समस्या के लिए शिक्षक संपर्क करता है तो वह उसे हल करने की कोशिश करता है चाहे फिर उस समय वह कितना भी व्यस्त हो ।
         शिक्षक के लिए सभी समान होते हैं चाहे उसका पुत्र हो या फिर कोई छात्र शिक्षक सभी में समान रूप से विद्या का वितरण करता है सभी को समान रुप से ज्ञान प्रदान करता है शिक्षक का सदैव प्रयास होता है कि वह सभी को शिक्षित कर सके ताकि वह अपने जीवन में आगे बढ़ सके ।
       इस प्रकार माता-पिता हमें जीवन में आगे बढ़ना सिखाते हैं हमारा सही गलत उन्हें पता होता है हमसे कुछ घटना एवं बातें शेयर कर सकते हैं उसी प्रकार हमारा संबंध शिक्षक के साथ भी होता है हम शिक्षकों के साथ भी अपनी बातें शेयर कर सकते हैं घटनाएं उन्हें बता सकते हैं और अपनी समस्याओं का हल उनसे पूछ सकते हैं शिक्षक हमें सदैव सही मार्गदर्शन करते हैं ।
       वास्तव में शिक्षक महान होते हैं शिक्षित करना इतना आसान कार्य नहीं होता शिक्षा का कार्य बहुत ही कठिन होता है वास्तव में ऐसा कहा जा सकता है कि संसार का सबसे कठिन कार्य होता है शिक्षक का क्योंकि शिक्षक के हाथ में एक राष्ट्र का भविष्य होता है उस समय ईश्वर के समान होता है जो आने वाला भविष्य तय कर रहा होता है ।
     शिक्षक की ऐसी महिमा को बताने के लिए चाहे हम जितना भी समय ले ले वह कम पड़ जाएगा। शिक्षा की महिमा अपरंपार है और वेदों में भी इसे पूर्ण रूप से नहीं बताया जा सकाशिक्षक को ईश्वर से उनके स्थान प्रदान किया गया है और हमें शिक्षक का सदैव दिल से सम्मान करना चाहिए और कभी भी पीठ पीछे शिक्षक का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए शिक्षक डांटे तो बुरा नहीं मानना चाहिए और उनके द्वारा समझाई गई बात को समझना चाहिए ।
      
                     दोस्तों यह कुछ नहीं बनते जिनका मैंने आपके लिए कलेक्शन किया था यह निबंध हमारी टीम द्वारा लिखे गए हैं और स्वरचित हैं तो इनका उपयोग आप बिना किसी परेशानी के कर सकते हैं उम्मीद है आपको यह पसंद आए होंगे ।
       अगर आपको यह निबंध पसंद आए हैं तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ अवश्य ही शेयर करें और हमें कमेंट करके जरूर बताएं आपका कोई प्रश्न है तो आप कमेंट कर सकते हैं आपको उसका उत्तर मिल जाएगा आपका इस पोस्ट को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ।।


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