Teachers day कब मनाया जाता है । Teachers day क्यों मनाते है ।

          हमारी भारतीय संस्कृति में हमें सदैव से ही शिक्षकों का सम्मान करना सिखाया है और शिक्षकों के सम्मान के लिए ही हम अनेक प्रकार के दिवस जैसे कि गुरु पूर्णिमा शिक्षक दिवस आदि मनाते हैं ।

Teachers day kyo manate hai
Teachers day क्यों मनाते है 

          शिक्षक के महत्व को बताने के लिए और शिक्षक का सम्मान करने के लिए हम शिक्षक दिवस मनाते हैं शिक्षक दिवस मनाने के पीछे हमारे कई सारे उद्देश्य है अब शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है कब मनाया जाता है किस प्रकार मनाया जाता है ऐसे बहुत सारे प्रश्न हमारे सामने आते हैं ।
       आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि शिक्षक दिवस क्या होता है हम शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है आदि के बारे में ।
Teachers day - हमारे देश में शिक्षक दिवस प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है और इसके पीछे हमारा उद्देश्य हमारे देश की शिक्षकों का सम्मान करना एवं शिक्षकों के प्रति हमारी भावनाओं को प्रकट करना होता है ।
          शिक्षक एक राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है वह देश आने वाली युवा पीढ़ी को शिक्षित करता है उन्हें सही गलत का फर्क सिखाता है एवं आगे बढ़ने का रास्ता जाता है ।

Teachers day कब मनाया जाता है

Teachers day kab manate hai

दोस्तों को शिक्षक दिवस जाने की टीचर्स डे भारत और विश्व में अलग-अलग तारीख को मनाया जाता है और दोनों तारीखों की अलग-अलग कहानियां यहां पर हम इंटरनेशनल और भारतीय शिक्षक दिवस की तारीख और कहानी आपको बताएंगे ‌।

भारतीय शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है

भारतीय शिक्षक दिवस 5 सितंबर को प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है जो हमारे पूरे देश में एक साथ 5 सितंबर को ही मनाया जाता है ।

World teacher day कब मनाया जाता है 

World teachers Day प्रत्येक वर्ष 5 अक्टूबर को मनाया जाता है इसे हम सब इंटरनेशनल टीचर्स डे के नाम से भी जानते हैं ।
        यूनेस्को द्वारा पूरे विश्व में 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है जो पूरे विश्व में महान होता है परंतु अलग-अलग देश का अपना शिक्षक दिवस भी है ।

Teachers Day क्यों मनाते हैं

     हमारे यहां पर टीचर्स डे मनाने के पीछे एक बहुत ही रोचक कहानी है । एक बार की बात है जब डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी काजन्म दिवस था तब उनके कुछ छात्रों एवं मित्रों ने मिलकर उनका जन्म दिवस मनाने की सोची थी और इसके लिए उन्होंने तैयारियां भी की थी ।
       अपने जन्मदिन पर डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी जो खुद एक शिक्षक भी थे उन्होंने अपने छात्रों से कहा कि ।
   अगर आप मेरे इस जन्म दिवस पर शिक्षकों का सम्मान करें और शिक्षक दिवस मनाए तो मुझे गर्व महसूस होगा ।
   डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी किस बात को मानकर उनके छात्रों एवं मित्रों ने 5 सितंबर को कब पहली बार शिक्षक दिवस मनाया और तब से लेकर आज तक हमारे देश में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है ।
        जितनी मजेदार और रोचक यह कहानी है उतना बढ़ा इस शिक्षक दिवस के पीछे उद्देश्य भी है शिक्षक दिवस मनाने का हमारा मुख्य उद्देश्य हमारे देश के शिक्षकों का सम्मान करना और उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों से उनके द्वारा की गई मेहनत को जनता तक पहुंचाने और उसकी सराहना करने के लिए हम शिक्षक दिवस मनाते हैं ।
      मूलता शिक्षक दिवस मनाने के पीछे हमारा यही उद्देश्य होता है कि हम अपने शिक्षकों का सम्मान करें उन्हें हृदय से धन्यवाद प्रदान करें और एक दिन अपने शिक्षकों के लिए अपने जीवन से अवश्य ही निकाले कुछ समय अपने शिक्षक साथ बिताएं और उनके साथ अपनी बातें शेयर करें।
      एक छात्र का और एक शिक्षक का बहुत ही गहरा संबंध होता है वही संबंध जो एक माता पिता और पुत्र में होता है एक छात्र और एक शिक्षक दोनों मिलकर इस राष्ट्र का निर्माण करते हैं ।

Teachers Day कैसे मनाते हैं 


         भारत में टीचर्स डे अलग अलग तरीके से मनाया जाता है विद्यालयों में शिक्षकों का सम्मान किया जाता है रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ साथ सम्मान समारोह रखा जाता है ।
      इसी के साथ विद्यार्थी अपने विचार सभी के समक्ष प्रस्तुत करते हैं विद्यालयों में शिक्षक दिवस पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन होता है जिसमें बहुत सारे विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं ।
    अगर आपके विद्यालय में भी teachers day speech in hindi की प्रतियोगिता है तो आप हमारी पोस्ट को पढ़ सकते हैं जहां पर हमने शिक्षक दिवस पर भाषण के बारे में आर्टिकल लिखा है ।
     
           तो दोस्तों उम्मीद है आपको याह post पसंद आया होगा और आपको आपके सभी प्रश्नों का उत्तर मिल चुका होगा अगर आपका अभी भी कोई प्रश्न है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं आपका इस पोस्ट को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ।


Post a comment

0 Comments