टीचर्स डे स्पीच इन हिंदी | Teacher’s day Speech in Hindi 2020 - Haqsesikho

शिक्षक सफलता की कुंजी है जो एक छात्र के भविष्य को नई राह दिखाता है और उसे आकार देता है एक शिक्षक देश बनाता है वह राष्ट्र का निर्माण करता है कि शिक्षक युवा पीढ़ी को तैयार करता है और आने वाली युवा पीढ़ी को अपने ज्ञान के प्रकाश के द्वारा सही राह दिखाता है ।

Teacher’s day Speech in Hindi
Teacher’s day Speech in Hindi

          ऐसी शिक्षक की महिमा को छात्रों एवं लोगों तक पहुंचाने के लिए एवं शिक्षकों के प्रति हमारी मन भावना प्रकट करने के लिए हम शिक्षक दिवस मनाते हैं । मूलता शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य ही होता है शिक्षक का सम्मान

Teachers Day -  शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत असल में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने की थी । और इसके पीछे बड़ी ही रोचक कहानी है डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म 5 सितंबर को हुआ था और उनके जन्मदिन को मनाने के लिए उनके कुछ छात्रों ने योजना बनाई थी जिस पर उन्होंने उस दिन उन्हें शिक्षकों का सम्मान करने की और शिक्षक दिवस मनाने की सलाह दी थी और वही उनके जन्मदिन के लिए उनको उपहार था ।



         
                शिक्षक दिवस मनाने का मूल उद्देश्य डॉ राधाकृष्णन जी को सम्मान देना एवं शिक्षकों का आदर करना और उन्हें भी सम्मान प्रदान करना रहा है शिक्षक दिवस के दिन schools में कार्यक्रम किए जाते हैं और अगर आपके विद्यालय में भी कोई कार्यक्रम है जिसमें आपने हिस्सा लिया है ।
              विद्यालय में इस समय तरह तरह के कार्यक्रम जैसे कि शिक्षक दिवस पर भाषण, शिक्षक दिवस पर निबंध, शिक्षक दिवस पर भाषण शायरी, आदि की प्रतियोगिता होती है अगर आपने shikshak diwas par bhashan प्रतियोगिता में भाग लिया है तो हम आपके लिए यहां पर कुछ ऐसे shikshak diwas par bhashan लाए हैं जिन्हें आप बोल सकते है और सभी के सभी बिल्कुल आसान भाषा में है ।

टीचर्स डे स्पीच इन हिंदी | Teacher’s day Speech in Hindi

दोस्तों यहां पर हमने आपके लिए अलग-अलग भाषण कैटेगरी वाइज तैयार किए हैं जिसमें कुछ 500 शब्द के कुछ 250 शब्द के और कुछ 150 शब्द के हैं आपको जो भी अच्छा लगता है आप उसे उपयोग कर सकते हैं ।

Shikshak diwas par bhashan

Shikshak diwas par bhashan

        सम्मानीय मंच एवं मेरे सभी गुरु जन आप सभी को मेरा सादर प्रणाम मैं राहुल कक्षा 11वीं और की ओर से आप सभी के समक्ष आज शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर अपने विचार लेकर उपस्थित हूं।
     शिक्षक सफलता की कुंजी है जो हमें हमारे उज्जवल भविष्य की नई राह दिखाता है शिक्षक हमें पढ़ाते हैं हमें आगे बढ़ाते हैं और सदैव हमारे लिए कार्य करते रहते हैं एक शिक्षक का कभी भी अवकाश नहीं होता उसे सदैव अपने घर पर भी छात्रों के प्रश्नों का उत्तर खोजना होता है ।
     हर दिन एक शिक्षक की बस यही कामना होती है कि वह उसके सभी छात्रों को सही तरीके से अध्ययन करा सके उनका भविष्य उज्जवल बना सके माता-पिता के बाद एक शिक्षक ही है जो आपका उज्जवल भविष्य सोचते हैं इस संसार में जहां हर कोई अपने मतलब के लिए जीता है वहां पर शिक्षक दूसरों के लिए कार्यरत होते हैं ‌। ऐसी होती है शिक्षक की महिमा।
        शिक्षक वह है जो एक छात्र के जीवन को आकार प्रदान करता है शिक्षक एक छात्र को सही राह दिखाता है उसके जीवन में अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करके ज्ञान का प्रकाश फैलाता है एक शिक्षक छात्र के भविष्य को अपने हाथों से आकार प्रदान करता है ।
        इसीलिए शिक्षक पर कबीर दास जी ने कहा है कि -
गुरु कुम्हार शिष्य कुंभ है, गढ़ि गढ़ि काढ़ै खोट ।
अंतर हाथ सहार दे, बाहरे मारे चोट ।।
            कबीरदास जी कहते हैं कि गुरु कुम्हार की तरह है और शिष्य घड़े की तरह जिस प्रकार कुमार घड़े को अपने हाथों से आकार प्रदान करता है उसे बार-बार उस घड़े की गलतियां दिखाई देती हैं जिन्हें वह सुधरता है इस प्रक्रिया में वह घड़े को बाहर से मारता है तू ही अंदर से उसे प्रेम पूर्वक सेहलाता भी है ।
        अर्थात गुरु भी इसी प्रकार शिष्य को बाहर से अवश्य ही चिल्लाते हैं उन्हें अपनी गलती का एहसास कराने की कोशिश करते हैं लेकिन अंदर से एक गुरु उस शिष्य की भलाई ही चाहता है और उसे बाद में समझाता भी है ।
    गुरु और शिष्य का रिश्ता बड़ा ही निराला है जिन्हें कुछ शब्दों मे बांधना यह बताना बिल्कुल भी संभव नहीं है एक गुरु निर्माण आखे वह निर्माण करता है शिष्य आने वाला भविष्य है जो एक गुरु के द्वारा निर्मित होता है इसीलिए हमारे वेद पुराण में भी गुरु को सर्वोपरि बताया है ।
       गुरु की इसी महिमा का बखान करते हुए मैं अपने शब्दों को विराम देना चाहूंगा मैं जितना भी प्रयास करूं लेकिन गुरु की महिमा का संपूर्ण बखान नहीं कर सकता क्योंकि गुरु की महिमा अनंत है अंत में मैं अपने शब्दों को अपने गुरुजनों को प्रणाम करते हुए विराम देना चाहूंगा धन्यवाद ।

Teachers day speech in Hindi 2020

           आदरणीय प्राचार्य महोदय मेरे सभी सम्मानित शिक्षक गण मेरे प्यारे सहपाठी भाइयों तथा बहनो मैं मिताली राजवंश कक्षा दसवीं की ओर से आप सभी के समक्ष आज शिक्षक दिवस पर अपने विचार लेकर उपस्थित हूं।
        शिक्षण एक ऐसा कार्य जो समाज को सुधारने का होता है समाज को आगे बढ़ाने का होता है या वास्तव में कहा जा सकता है कि समाज के निर्माण का होता है शिक्षक का कार्य बहुत ही महान है क्योंकि वह समाज का रूप निर्धारित करते हैं ।
             हमारी भारतीय संस्कृति ने हमें सदैव ही शिक्षकों का आदर करना सिखाया है हमारे वेद पुराण ने शिक्षकों को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान प्रदान किया है और हमें यह बात सदैव बताइए कि हमें शिक्षकों का सम्मान सबसे पहले करना चाहिए क्योंकि शिक्षक ही वह है जो हमें अपने जीवन में उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर कर सकते हैं ।
      शिक्षक की ताकत ईश्वर से भी अधिक बताई जाती है इसके पीछे बहुत गहरा कारण है जिस प्रकार ईश्वर हमारा भविष्य निर्धारित करते हैं उसी प्रकार शिक्षक भी एक छात्र का भविष्य निर्धारित करते हैं शिक्षक और छात्र दोनों मिलकर छात्र का आने वाला भविष्य बनाते हैं एक छात्र सीखता है और शिक्षक सिखाता है ।
        शिक्षक के इसी महिमा के कारण भी शिक्षक को ईश्वर से ऊंचा स्थान प्राप्त है इसी बात पर मुझे एक दोहा याद आता है जो ईश्वर और शिक्षक में बहुत ही अच्छा संबंध बनाता है और शिक्षक के सम्मान को उजागर करता है
गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाऊ।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताए ।।
        उपरोक्त दोहे का अर्थ बहुत ही आसान है जब रहीम दास जी कबीरदास के आगे गुरु गोविंद और उनके गुरु दोनों ही खड़े हो जाते हैं तो इस बात से बड़े ही सोच में चले जाते हैं कि वह पहले किसके पैर छुए लेकिन इसी बात पर गुरु गोविंद उन्हें खुद कहते हैं कि पहले आपके गुरु ।
 ‌           यह दोहा जहां अपने अंदर एक छोटी सी कहानी छुपाए हुए हैं वहीं एक बहुत बड़ी सीख और गहरी बाद भी अपने अंदर रखता है जिसे समझना हम सबके लिए बहुत ही आवश्यक है हम सबको अपने गुरुओं का सम्मान करना चाहिए और गुरुओं का आदर करना चाहिए आपका मुझे सुनने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद मैं अपने शब्दों को अब यही विराम देना चाहूंगी ।

शिक्षक दिवस पर भाषण हिंदी में
Best speech for teacher's Day in hindi

Best speech for teacher's Day in hindi

        आदरणीय मंच, मंच पर उपस्थित प्राचार्य महोदय मेरे सभी सम्मानीय महान शिक्षक गण और मेरे प्यारे सहपाठियों में रवि कक्षा 12th की ओर से आप सभी के समक्ष आज शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर अपने विचार लेकर उपस्थित हूं अगर मेरे कुछ शब्दों से किसी को भी ठेस पहुंचती है तो मुझे अपना बड़ा या छोटा भाई समझ कर क्षमा कर दीजिएगा ।
          डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्मदिवस को हम सब आज शिक्षक दिवस के रूप में मना रहे हैं इसके पीछे उनका उद्देश्य शिक्षकों का एक दिन सम्मान करना आ रहा है लेकिन क्या यह एक दिन का सम्मान हमारे लिए काफी है बिल्कुल भी नहीं हमारा उद्देश्य शिक्षकों का सम्मान साल भर करना है और वह हम करते भी हैं लेकिन आज का दिन हमारे लिए खास इसलिए है क्योंकि आज हम सब अपने शिक्षकों के लिए अपने विचार शिक्षकों के समक्ष रख रखते हैं ।
       जो एक शिक्षक और छात्र के बीच संबंध को और अधिक मजबूत बनाता है आज किस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हमारे शिक्षकों को सम्मान देना और हमारे विचारों का आदान प्रदान मेरे हिसाब से बिल्कुल उचित है आज किसी बात की आवश्यकता है कि हम सब शिक्षक के कार्य के महत्व को समझें और यह जाने की एक शिक्षक कितना अधिक कार्य करता है ।
                 एक इंजीनियर हो या फिर एक डॉक्टर या फिर कोई सरकारी कर्मचारी वकील जज नेता सभी का निर्माण एक शिक्षक ही करते हैं सभी को शिक्षक द्वारा ही पढ़ाया जाता है उन्हें सही राह दिखाई जाती है इसीलिए एक शिक्षा का कार्य बहुत ही ऊंचा होता है एक शिक्षक कई छात्रों को अपने जीवन में आगे बढ़ाते हैं उनके भविष्य को उज्जवल करते हैं ।
          इसी के कारण शिक्षक की तुलना दीपक से की जाती है एक दीपक जिस प्रकार स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाशित करता है उसी प्रकार शिक्षक भी अपनी मेहनत लगन और निष्ठा से छात्र के जीवन में प्रकाश भरता है उसके भविष्य को उज्जवल बनाता है शिक्षा का कार्य वास्तव में बहुत ही महान है और ईश्वर से कम भी नहीं है।
     एक शिक्षक अपने छात्र को समय पर डांटता भी है और उसे समझाता भी है और उसे पढ़ाता भी है वास्तव में एक शिक्षक एक छात्र का संपूर्ण जगत् होता है एक शिक्षक एक छात्र के माता-पिता संरक्षक सभी का कार्य करता है जो कि वह उसे सही राह दिखाता है जिस प्रकार मां हमें सही गलत में फर्क समझाती है पिता हमें दुनिया से अवगत कराता है उसी प्रकार शिक्षक हमें सही गलत ज्ञान अज्ञान सभी चीजों से अवगत कराता है और हमारे भविष्य को उज्जवल बनाता है ।
         शिक्षक की जितनी प्रशंसा की जाए कम है हम अपने कुछ छोटे से शब्दों में शिक्षक की महिमा का गुणगान नहीं कर सकते आज का यह पूरा दिन भी कम पड़ जाएगा अगर हम शिक्षक की महिमा का बखान करने की कोशिश करते हैं तो इसलिए मैं अपने शब्दों को यहीं विराम देना चाहूंगा आपका मुझे सुनने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद और अंत में एक बार फिर अपने शिक्षक को को शत शत नमन ।।

शिक्षक दिवस पर कविता ।
Teachers Day kavita in Hindi

शिक्षक दिवस पर कविता

जीवन का सच्चा मूल बताया,
ज्ञान प्रकाश हममें फैलाया ।
डाटा मारा और समझाया,
सही गलत का फर्क बताया ।
जीवन का सही मूल्य बताया,
शिक्षा से अवगत भी कराया।
गुरु हमारे सबसे प्यारे,
हमको सही राह दिखाते ।

गुरु की महिमा अपरंपार,
जीवन का एक ही सार ।
सादा जीवन उच्च विचार ।।

शिक्षक के है यह दो काम,
सीखना सिखाना सुबह शाम ।।

Motivational speech for teachers in hindi

Motivational speech for teachers in hindi

            सम्मानीय प्राचार्य महोदय आदरणीय शिक्षक गण एवं मेरे प्यारे भाइयों तथा बहनों मैं सुशील कक्षा 9वीं की ओर से आप सभी के समक्ष आज शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर अपने विचार लेकर उपस्थित हूं इसमें मुझसे कुछ गलती हो जाए तो मुझे अपना छोटा भाई समझ कर क्षमा कीजिएगा ।
       5 सितंबर डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिन जिसे आज हम सब शिक्षक दिवस के रूप में मना रहे हैंआज के दिन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को सम्मान देना और उनके प्रति हमारी मन भावना प्रकट करना होता है ।
    ‌ मुझे इस बात पर अत्यंत गर्व है कि मुझे आप जैसे गुरुजनों मिले जिन्होंने मुझे सही राह दिखाई और मुझे अपने ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित किया मैंने आज तक जो भी सीखा है वह अपने गुरुजनों से सीखा है और उनके कही गई बातों पर पूर्ण रूप से अमल करने की भी कोशिश की है कई बार हमसे गलतियां हो जाती है तो मैं हमारे गुरुजन समझाते हैं ।
      हमें डांटते हैं चिल्लाते हैं मारते हैं लेकिन उसके पीछे हमारी ही भलाई होती है एक शिक्षक एक माता-पिता के समान होता है वह एक छात्र को अपने पुत्र के समान मानकर उसे शिक्षा प्रदान करता है हमारे देश में तो वैसे की पौराणिक काल से गुरुकुल की प्रथा चली आ रही है जहां पर छात्र शिक्षक के साथ यह कर शिक्षा ग्रहण करते थे ।
        अखिलेश गुरुकुल के पीछे का उद्देश्य क्या रहा होगा यह भी बड़े विचार करने वाली बात है गुरुकुल अर्थात एक ऐसी जगह जहां छात्र शिक्षा भी ग्रहण करता है वहां पर रहता भी है और उसके सभी कार्य भी वही संपन्न करता है एक गुरुकुल हमें सिखाता है कि हम कैसे जीवन व्यतीत कर सकते हैं आज भले ही गुरुकुल की परंपरा समाप्त होने लगी है लेकिन आज भी शिक्षकों की शिक्षा में कोई परिवर्तन नहीं आया जिस प्रकार एक गुरु एक शिक्षक पहले छात्र को शिक्षा देता था वह आज भी उसे उसी प्रकार शिक्षा देता है ।
        बस फर्क यह है कि आज गुरुकुल का स्थान हॉस्टल ने ले लिया है और छात्रों में कुछ परिवर्तन हो चुका है लेकिन कुछ नहीं बदला है तो वह है हमारे शिक्षक जो पहले भी हमें अपने पुत्र की तरह मानकर शिक्षा प्रदान करते थे और आज भी करते हैंमूलतः इसी कारण ही शिक्षकों को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान प्राप्त है।
        कई बार हम अपने मित्रों परिजनों में भेदभाव कर जाते हैं लेकिन एक शिक्षक कभी भी अपने छात्रों में भेदभाव नहीकरता वह सदैव प्रत्येक छात्र को समान मानकर उसे शिक्षा प्रदान करता है ऐसी होती है गुरु की महिमा जो चंद्रगुप्त जैसे महान राजा को बनाती है एक शिक्षक चाहे तो पूरे साम्राज्य को नष्ट और निर्माण दोनों कर सकता है इस बात के उदाहरण हमारे इतिहास हमें देते भी है ।
      जहां गुरु का अपमान होता है वह राज ही नष्ट हो जाता है चाणक्य का अपमान मगध में हुआ तो मगध ही नष्ट हो गया चाणक्य ने एक नए राजा चंद्रगुप्त को बनाया और मगध को पुन स्थापित किया और आज हम सब चंद्रगुप्त का इतिहास तो जानती हैं और  इस बात से हमें पता तो चल ही जाता है कि एक गुरु क्या कर सकता है गुरु की महिमा वास्तव में बहुत ही अधिक है जिसे कुछ शब्दों में बांधना अत्याधिक कठिन है या यूं कहे कि असंभव है ।
       अंत में मैं अपने शब्दों को यहीं पर विराम देना चाहूंगा आपका मुझे सुनने के लिए और अपना अनमोल समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ।

Shikshak diwas par bhashan 2020

         दोस्तों यह कुछ भाषण और कविताएं हैं जिनका उपयोग अपने स्कूल में प्रतियोगिताओं में या आम भाषण में कर सकते हैं । सभी भाषण एवं कविताएं हमारी टीम द्वारा स्वरचित है जाने कि खुद लिखे गए हैं और सभी में बहुत आसान शब्दों का उपयोग किया गया है ।
        यह सभी भाषण सभी को बड़ी आसानी से समझ पाएंगे और सभी को इंप्रेस भी करेंगे अगर आप इनका उपयोग करते हैं तो निश्चित ही आपके विद्यालय में सभी को यह पसंद आने वाले हैं ।
     मंच पर जाते समय आपको इन चार बातों का खास ध्यान रखना है जो मैं आपको यहां पर बता रहा हूं अगर आप इन चार बातों का ध्यान रखते हैं तो आप मंच को जीत जाएंगे यानी कि आप निश्चित ही सफल होंगे । इन चार बातों का निश्चित ही ध्यान रखना ।
  1. अपने आप को पूर्ण रूप से आत्मविश्वास से भरपूर रखें ।
  2. अपने साथ पर्ची या फिर कोई कागज ना ले जाएं इससे निर्णायक एवं जनता पर आपको भाषण याद ना होने का प्रभाव आ जाता है ।
  3. अगर आप बीच में कहीं भाषण भूल भी जाते हैं तो अटके नहीं बल्की आने वाली वह लाइन जो आपको याद है बोलना शुरू कर दें इससे ऐसा कतई नहीं लगेगा कि आप कुछ भूल गए हैं।
  4. मंच पर केवल खड़े होकर बोले नहीं बल्कि अपने हाथों का भी उपयोग करें अपने हाथों का शब्दों के अनुरूप प्रतिक्रियाओं से जनता को आकर्षित करें इससे उनका ध्यान आपकी तरफ ही रहेगा और वह आपको सुनेंगे ।
          दोस्तों उम्मीद है आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी अगर आप कोई पोस्ट पसंद आई और आपको कुछ सीखने को मिला है तोपोस्ट को अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें और साथ ही साथ हमें कमेंट करके अवश्य बताएं आपका कोई प्रश्न तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं आपको उसका रिप्लाई मिल जाएगा आपका इस पोस्ट को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ।।
         
   
    

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