[Latest] नारी शिक्षा पर निबंध हिंदी में । नारी शिक्षा का महत्व । Essay In Hindi

शिक्षा से मनुष्य में समझ आती है एक शिक्षित मनुष्य सही तथा गलत पक्षों का निर्णय बहुत ही अधिक प्रभावपूर्ण तरीके से कर पाता है । शिक्षा का अधिकार हमारे मानव अधिकार में से एक है हर किसी को अपने जीवन में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार जन्म से ही मिला होता है और यह अधिकार महिला एवं पुरुष दोनों के लिए समान है ।

नारी शिक्षा पर निबंध हिंदी में

     एक देश के विकसित होने के लिए जितनी आवश्यकता पुरुष शिक्षा की होती है उतनी आवश्यकता नारी शिक्षा की भी होती है भारत जैसे कई सारे विकासशील देशों में नारी शिक्षा यानी कि नारी को शिक्षा से वंचित रखने की समस्या देखी जाती है जिसमें कई पिछड़े क्षेत्रों में नारी को शिक्षा से वंचित रखा जाता है उन्हें पुरुषों से कम समझा जाता है ।
    इस समस्या को हल करने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जाते हैं नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं अगर आपके भी विद्यालय में नारी शिक्षा पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है तो यहां पर मैंने आपके लिए इस लेख में कुछ निबंध संकलित किए हैं जिनका उपयोग आप कर सकते हैं ।

Nari shiksha par nibandh ( 150 शब्द )

कैलाश सत्यार्थी जी ने अपने कार्यक्रम में कहा था कि शिक्षा मनुष्य का जन्म सिद्ध अधिकार है जिस प्रकार बाल गंगाधर तिलक ने स्वराज्य को जन्मसिद्ध अधिकार माना है उसी प्रकार हमें शिक्षा को भी जन्मसिद्ध अधिकार बनाना होगा ।
    यह कथन जितना अधिक पुरुषों के लिए सत्य है उतना ही अधिक महिलाओं के लिए भी सत्य है शिक्षा का अधिकार प्रत्येक मनुष्य को प्राप्त होता है एक देश तभी विकास कर सकता है जब उसके प्रत्येक नागरिक को शिक्षा प्राप्त हो चाहे वह महिला हो या पुरुष, नारी शिक्षा का भी एक राष्ट्र के विकास में बहुत अधिक योगदान होता है ।

Nari shiksha par nibandh

   प्राचीन काल में हमने यह देखा है कि हमारे देश में जहां पर महिलाओं को नारी को पुरुष से कम समझा जाता था और उन्हें शिक्षा से वंचित रखा जाता था और इसी कारण के चलते हमारे देश का विकास रुक सा गया था और अनेक प्रकार की कुप्रथाओं से हमारा समाज भर गया था । इन घटनाओं से यह बात हमारे सामने संपूर्ण रूप से इस सच्चाई को उजागर करती है कि नारी शिक्षा का एक राष्ट्र के विकास में अत्याधिक महत्व है । 
    अगर नारी को शिक्षा प्राप्त होगी तो वह अपने बच्चों एवं परिवार को एक अच्छा भविष्य सुरक्षित भविष्य प्रदान कर पाएगी घर की आय में वृद्धि होगी और एक शिक्षित माहौल समाज में स्थापित होगा । इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर सरकार द्वारा निरंतर नारी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है लेकिन आज के हमारे देश में कई सारे ऐसे पिछड़े क्षेत्र हैं जहां पर महिलाओं को पुरुषों से कम समझा जाता है और नारी शिक्षा को बिल्कुल भी महत्व नहीं दिया जाता है इसलिए हमारे लिए आवश्यक है कि हम नारी शिक्षा के महत्व को समझें और नारी शिक्षा को बढ़ावा दें ।

Nari shiksha par nibandh 250 शब्दों Me

एक देश की तरक्की में वहां की जनता का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है एक राष्ट्र तभी तरक्की कर सकता हैैैै जब उसकी प्रत्येक जनतााा शिक्षित हो और भी शिक्षा के महत्व को समझते हो । राष्ट्र की जनता कि शिक्षित होने के लिए आवश्यक है कि राष्ट्र में स्त्री और पुरुष दोनों को समान रूप से शिक्षा प्राप्त हो रही हो वर्तमान समय में हमारे देश में ऐसे कई स्थान हैं जहां पर नारी शिक्षाा को बिल्कुुल भी महत्व नहीं दिया जाता जिस कारण उन क्षेत्रोंं का विकास भी रुक जाता है ।

Nari shiksha par nibandh 250 शब्दों Me


     एक शिक्षित नारी अपने घर परिवार और समाज को अच्छा जीवन और दिशा प्रदान कर पाती है शिक्षा का मनुष्य के जीवन में अत्याधिक महत्व होता है इसी कारण महिलाओं का भी शिक्षित होना अत्यधिक आवश्यक है क्योंकि एक महिला केवल अपने ही नहीं बल्कि अपने परिवार की भी जीवन का निर्माण करती है अपने बच्चों को भी सही गलत का फर्क सिखाती है एक शिक्षित नारी ही शिक्षा के महत्व को समझ सकती है और अपने बच्चों को भी शिक्षा के प्रति जागरुक कर सकती हैं।
     हम एक ऐसे देश के वासी हैं जहां पर कई देशों ने आक्रमण किए राज किया और और इसी कारण हमारी सभ्यता में कई सारी कुरीतियों ने जन्म ले लिया युद्ध काल में शिक्षा को इतना अधिक महत्व नहीं दिया जाता था और इस समय नारी शिक्षा जैसा शब्द भी उपयोग नहीं किया जाता था । और वही कुरीति कुप्रथा है हमारे देश के कुछ पिछड़े कस्बों में आज भी देखने को मिलती है जहां पर नारी शिक्षा केवल और केवल एक शब्द है आज भी वहां पर पुरुष प्रधान समाज स्थित है और यह आवश्यक है कि हम ऐसे क्षेत्रों में जागरूकता लाएं और वहां की महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करें नारी शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा दें ताकि हमारा देश और अधिक विकसित हो सके ।
नारी को भी पढ़ना होगा अपने हक के लिए लड़ना होगा


Nari shiksha par nibandh in hindi 

( 500 शब्द ) - 
  वर्तमान समय में हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान बढ़ता जा रहा है अभी तो ऐसे कई सारे क्षेत्र हैं जहां पर महिलाएं पुरुषों से अच्छा प्रदर्शन करती हैं जहां महत्वपूर्ण तथ्य नहीं है कि महिला या पुरुष कौन आगे है बल्कि महत्वपूर्ण बात यह है कि हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं को समान रूप से कार्य करने का मौका मिलना चाहिए । आज भी ऐसे कई क्षेत्र है जहां पर पुरुषों को महिलाओं से अधिक महत्व दिया जाता है और दोनों में समानता बिल्कुल भी नहीं समझी जाती है इसका कारण है वहां पर महिला का और शिक्षित होना महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं होती एवं वह अपने आप को पुरुषों से कम समझती है इसका मुख्य कारण नारी का शिक्षा ना प्राप्त कर पाना है जय यह बात हमारे सामने बिल्कुल स्पष्ट कर देती है कि नारी शिक्षा का प्रचार प्रसार अत्याधिक आवश्यक है ताकि महिलाओं को अपने अधिकार का ज्ञान हो और उच्च शिक्षा के प्रति और अधिक जागरूक हो अपने व अपने परिवार को शिक्षा के प्रति जागरूक करें और अपने बच्चों को भी शिक्षा को लेकर प्रोत्साहित करें ।
     एक नारी परिवार का निर्माण करती है अपने बच्चों को शुरुआती शिक्षा प्रदान करती है जो इस बालक की प्रारंभिक शिक्षा भी होती है अगर महिला शिक्षित है तो वह स्वयं भी कार्य करके घर की आमदनी में वृद्धि कर सकती है जिससे परिवार को आर्थिक लाभ होने के साथ-साथ एक अच्छा भविष्य देखने को मिलता है । आज आवश्यक है कि हम हर क्षेत्र में नारी शिक्षा को महिला शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास करें ऐसे क्षेत्र जहां पर नारी को पुरुषों से कम समझा जाता है उसे शिक्षित नहीं किया जाता शिक्षा से वंचित रखा जाता है वहां पर जाकर हम नारी शिक्षा के लाभ उन्हें बताएं और उन्हें नारी शिक्षा के प्रति जागरूक करें ।
     हमारा देश तभी तरक्की कर सकता है जब हमारी प्रत्येक जनता शिक्षित हो देश की तरक्की में प्रत्येक जनता का शिक्षित होना अत्यधिक आवश्यक है अगर व्यक्ति शिक्षित है तो वह अपने मत का भी बहुत अच्छे तरीके से उपयोग कर पाएगा वह मतदान करते समय बहुत सारे विचारो एवं तथ्यों को ध्यान में रखकर अपने मत का उपयोग करेगा जो देश की तरक्की के लिए अत्यधिक आवश्यक है ।
    वर्तमान समय में हमें आवश्यकता है कि हम नारी शिक्षा के महत्व को समझें और लोगों तक नारी शिक्षा के महत्व को और अधिक पहुंचाएं । सरकार द्वारा भी नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं जिसमें विद्यालयों में एवं गांवों में शिविरों प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है ताकि वहां की जनता नारी शिक्षा के महत्व को समझ सके ।
     अब आवश्यकता इस बात की है कि हम सब भी अपनी तरफ से नारी शिक्षा को और अधिक फैलाएं और नारी शिक्षा के प्रति लोगों को और अधिक जागरूक करें नारी शिक्षा का प्रचार प्रसार करे ।

अगर देश को है आगे बढ़ाना तो जरूरी है नारी को पढ़ाना

 Nari shiksha par nibandh hindi me

नारी शिक्षा पर निबंध हिंदी में


( 1500 शब्द ) - 

 जब आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं, आप एक आदमी को शिक्षित करते हैं । लेकिन आप एक स्त्री को शिक्षित करते हैं, आप एक पीढ़ी को शिक्षित करते हैं।


Nari shiksha par nibandh prastavana

  वर्तमान समय में नारी हर क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है एवं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है इससे यह बात पूर्णता साबित होती है कि महिलाएं पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं होती है बल्कि एक नारी ना केवल कार्यक्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देती है और साथ-साथ गृह कार्य में भी निपुणता से अपना कार्य करती है एक महिला ना केवल परिवार को संभालती है बल्कि वह देश की तरक्की के लिए भी कार्य क्षेत्र में अपना पूर्ण योगदान देती है ।
   आज भी विकासशील और विकसित देशों में भी महिलाओं को पुरुषों से कम समझा जाता है और उन्हें कई क्षेत्रों में पुरुषों से नीचा दिखाया जाता है जो वाकई में बहुत बड़ी समस्या है लगातार बढ़ते महिलाओं पर अत्याचार और बलात्कारों एवं ऐसी कई समस्याओं के बीच आज आवश्यक है कि हम नारी शिक्षा को और अधिक बढ़ावा दें अगर हम इन समस्याओं को दूर करना चाहते हैं सबसे पहले हमें नारी शिक्षा को बढ़ावा देना होगा अगर नारी शिक्षित होगी तो वह अपने अधिकार को और अच्छे से उपयोग कर सकेगी वह न केवल स्वयं के अधिकार जाने की बल्कि अपने परिवार घर एवं बच्चों को भी उनके अधिकार समझ आएगी एक मां से अच्छा शिक्षक इस पूरी दुनिया में कोई नहीं है मां को संसार में बच्चे का सबसे पहला शिक्षक कहा जाता है जो उसे सही गलत का मार्ग समझ आती है इसलिए आवश्यक है कि महिलाएं नारी शिक्षित हो ताकि वे आने वाली पीढ़ी को भी शिक्षित कर सके एक शिक्षित महिला अपने परिवार को अपने बच्चों को यह समझा पाएगी कि समाज में नारी को कितना सम्मान देना चाहिए और उसे किसी से कम नहीं समझना चाहिए जो आज अत्यधिक आवश्यक है ।

नारी शिक्षा की आवश्यकता 

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे मन में विचार आता है कि नारी शिक्षा क्यों आवश्यक है यही आज के समाज की सबसे बड़ी समस्या है शिक्षा हर मनुष्य के लिए आवश्यक है चाहे वह पुरुष हो या महिला । शिक्षा का अधिकार एक मनुष्य को जन्म से ही मिलता है और उसे शिक्षा प्राप्त करना आवश्यक भी होता है इसलिए सबसे पहले यह आवश्यक है कि हम अपने मन से यह बात निकाल दे कि महिला शिक्षा क्यों आवश्यक है यहां पर प्रश्न यह होना चाहिए कि हम यह क्यों सोचते हैं कि महिला शिक्षा क्यों आवश्यक है हमें यह मानना होगा कि महिला शिक्षा भी आवश्यक है ।
   लोगों का मानना है कि हमारी ऐसी सोच प्राचीन काल में हुए महिलाओं पर अत्याचारों एवं महिलाओं को पुरुषों से कम समझे जाने के कारण हुआ है लेकिन वास्तव में हम उस संस्कृति से है जहां पर महिलाओं को देवी का साक्षात रूप माना गया है उसे लक्ष्मी की उपाधि दी गई है प्राचीन काल में ही हमें महिलाओं का आदर करना सिखाया गया था महिलाएं वेद लिखती थी एवं उन्हें पुरुषों से बिल्कुल भी कम नहीं समझा जाता था परंतु कुछ समय पश्चात स्थिति में परिवर्तन आया और कुछ कारणवश महिलाओं को पुरुषों से कम समझा जाने लगा और जिन कुप्रथाओं का असर आज भी कई क्षेत्रों में देखने को मिलता है जो लोग महिलाओं को पुरुषों से कम बताते हैं और कहते हैं कि वे केवल घर का कार्य करने के लिए बनी है ऐसा धर्म सिखाता है तो यह पूर्णता गलत है कोई भी संस्कृति धर्म महिलाओं को पुरुषों से कम नहीं बल्कि उन्हें सामान अधिकार देता है ।
   हमारी संस्कृति ने हमें महिलाओं का आदर करना सिखाया है और आज आवश्यक है कि हम इस बात को समझें और महिलाओं को किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम ना समझे और उन्हें बराबर हक दे चाहे फिर वह कार्य क्षेत्र हो या फिर शिक्षा । आवश्यक है कि हम महिला शिक्षा को और अधिक बढ़ावा दें और नारी शिक्षा को छोटे-छोटे गांव से लेकर कस्बों में भी पहुंचाए नारी शिक्षा केवल हमारी समस्या नहीं है बल्कि यह विश्व स्तर के एक समस्या है आज विश्व में कई देशों में नारी को पुरुषों से कम समझा जाता है तो यह आवश्यक है कि हम कदम आगे बढ़ाए और नारी को पुरुष के समान अधिकार दिलाएं इसके लिए आवश्यक है कि हम सबसे पहले अपनी सोच बदले और यह हम कर सकते हैं हमारे आसपास में नारी शिक्षा की महत्वता को समझा कर ।

प्राचीन भारत में नारी का महत्व

प्राचीन काल से भारत की संस्कृति में नारी का अत्याधिक महत्व रहा है व पुरुषों के समान ही हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी दिखाती थी युद्ध क्षेत्र से लेकर शिक्षा क्षेत्र में सभी जगह नारी का महत्वपूर्ण योगदान होता था उसे अपने अधिकार पर अपने विचार प्रस्तुत करने का पूरा हक था राजा महाराजा अपनी पुत्री का वर चुनने के लिए स्वयंवर का आयोजन करते थे जहां पर वह स्वयं अपने पति को चुन सकती थी इससे यह बात तो हमारे सामने पूर्णता जाती है कि प्राचीन काल में नारी का समाज में अत्याधिक महत्व था और नारी शिक्षा भी महत्वपूर्ण थी ।  
   परंतु कुछ समय पश्चात और विदेशी आक्रमणों के कारण ऐसे नियमों का निर्माण हुआ जिसमें नारी को जीवन व्यतीत करने के लिए पुरुषों का सहारा लेना पढ़ रहा था धीरे-धीरे नारी को पुरुषों से कम समझा जाने लगा और यह कुप्रथा हमारे सामने आई ।

नारी शिक्षा की वर्तमान स्थिति 

अगर आप किस में में देखा जाए तो वर्तमान में नारी को समाज में वापस अपना महत्वपूर्ण स्थान मिलना शुरू हो चुका है महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधा मिलाकर चल रही है और हमारे देश में भी महिलाओं के लिए सरकार द्वारा भी लगातार कई प्रयास किए जा रहे हैं ताकि महिला एवं पुरुष दोनों में फिर से समानता लाई जा सके और इसका असर भी देखने को मिल रहा है सरकार द्वारा चलाए जाने वाले महिला शिक्षा अभियान उसे भी कई सारे गांवों एवं कस्बों में नारी शिक्षा को लेकर लोगों के विचार परिवर्तित हुए और वह नारी शिक्षा को लेकर जागरूक भी हुए हैं ।
    आज के समय में यह बात तो महिलाएं पूर्ण रूप से साबित कर चुकी है कि चाहे कोई सा भी क्षेत्र हो वहां पर महिलाएं किसी भी रूप में पुरुषों से कम नहीं है और कई जगह पर वह उनसे बेहतर भी करके दिखाती हैं जो यह साबित करता है कि एक राष्ट्र के विकास में महिला पुरुष दोनों का सामान योगदान होता है अगर आप अपने देश का विकास करना चाहते हैं उसे सबसे ऊपर ले जाना चाहते हैं तो आपको महिला एवं पुरुष दोनों को शिक्षित करना आवश्यक है इतने अधिक शिक्षित लोग एक देश में निवास करेंगे वह देश उतना आगे जाएगा भारत जो  युवा देश के लिए यह आवश्यक है कि हम नारी शिक्षा को और अधिक महत्व दें ताकि हम अपने देश को और अधिक तरक्की की ओर ले जा सके आज हम देख रहे हैं कि हमारे देश में लगातार नारी शिक्षा को लेकर सरकार भी प्रयास कर रही है और जागरूकता भी फेल रही है स्थिति में परिवर्तन आया है आज केरल गुजरात महाराष्ट्र ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर पूर्ण रूप से नारी एवं पुरुष दोनों में समानता देखने को मिलती है ।

उपसंहार

नारी शिक्षा का प्रचार प्रसार करने के लिए लगातार हमारी सरकार द्वारा एवं कई जनकल्याण संस्थाओं द्वारा भी प्रयास किया जा रहा है जिसमें विद्यालयों में प्रतियोगिताओं एवं गांवों छोटे-छोटे कस्बों में विभिन्न प्रकार की कार्यशाला का आयोजन कराया जा रहा हैजिन सभी का मुख्य उद्देश्य नारी शिक्षा पर बल देना एवं नारी शिक्षा का प्रचार प्रसार करना है अब आवश्यक यह है कि हम भी अपनी ओर से जो भी प्रयास कर सकते हैं वह करें अगर आपके आसपास कहीं आपको नारी शिक्षा में भेदभाव देखने को मिलता है तो आप वहां जाकर उन लोगों को समझा सकते हैं जो लोग नारी शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हो सकता है आपके कुछ प्रयास असफल हो लेकिन कुछ सफल भी होंगे और अगर आप एक भी सफल प्रयास कर पाते हैं तो आप इस अभियान में इस कार्य में अपना एक महत्वपूर्ण योगदान देंगे जो आज अत्यधिक आवश्यक है ।
     आवश्यकता यह है कि हम सब अपने अंतर्मन से इस बात को समझे की महिलाओं का भी इस समाज में पुरुषों के समान स्थान है हम कहीं भी अपने मन में यह भेदभाव की भावना ना रखें और सब जगह पर महिलाओं को एवं पुरुषों को समान रूप से देखते हुए अवसर प्रदान करें क्योंकि अवसर प्राप्त करने का हक सभी को है । 
   
हम सबका है एक ही नारा, पूर्ण शिक्षित हो देश हमारा

तो दोस्तों उम्मीद है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और आपकोइस आर्टिकल की सहायता से नारी शिक्षा के ऊपर कुछ नए विचार जानने को मिले होंगे अगर आपके भी अपने कुछ विचार हैं तो आप हमें कमेंट करके या ईमेल कर कर बता सकते हैं अगर आपको कोई बात गलत लगती है तो भी आप हमें कमेंट कर सकते हैं आपके सुझाव हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है उम्मीद है आपको यह आर्टिकल सहायक पूर्ण रहा होगा और यदि आपका कोई भी प्रश्न बाकी है तो आप हमसे पूछ सकते हैं आपका इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए और अपना अनमोल समय हमारे blog पर व्यतीत करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद । 

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